हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.14.7

मंडल 8 → सूक्त 14 → श्लोक 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 14
व्य१॒॑न्तरि॑क्षमतिर॒न्मदे॒ सोम॑स्य रोच॒ना । इन्द्रो॒ यदभि॑नद्व॒लम् ॥ (७)
इंद्र ने सोमरस के नशे में तेजस्वी अंतरिक्ष को बढ़ाया है एवं शक्तिशाली मेघ का नाश किया है. (७)
Indra, under the intoxication of Somras, has extended the stunning space and destroyed the mighty cloud. (7)