हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.16.12

मंडल 8 → सूक्त 16 → श्लोक 12 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 16
स त्वं न॑ इन्द्र॒ वाजे॑भिर्दश॒स्या च॑ गातु॒या च॑ । अच्छा॑ च नः सु॒म्नं ने॑षि ॥ (१२)
हे इंद्र! तुम अपनी शक्ति द्वारा हमें धन एवं मार्ग प्रदान करो. तुम सुख को हमारे सामने लाओ. (१२)
O Indra! You give us wealth and way by your power. You bring happiness before us. (12)