हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.2.13

मंडल 8 → सूक्त 2 → श्लोक 13 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 2
रे॒वाँ इद्रे॒वतः॑ स्तो॒ता स्यात्त्वाव॑तो म॒घोनः॑ । प्रेदु॑ हरिवः श्रु॒तस्य॑ ॥ (१३)
हे हरि नामक घोड़ों के स्वामी इंद्र! तुम धनवान्‌ हो. तुम्हारा स्तोता भी धनवान्‌ हो, तुम्हारे समान धनी एवं प्रसिद्ध व्यक्ति का स्तोता भी धन वाला ही होता है. (१३)
O Indra, lord of horses named Hari! You are rich. Your stota is also rich, the hymn of a rich and famous person like you is also rich. (13)