ऋग्वेद (मंडल 8)
त्रयः॒ कोशा॑सः श्चोतन्ति ति॒स्रश्च॒म्व१॒ः॑ सुपू॑र्णाः । स॒मा॒ने अधि॒ भार्म॑न् ॥ (८)
एक ही यज्ञ में तीन प्रकार के कलश सोमरस को धारण करते हैं एवं तीनों चमस भी सोने से पूर्ण हैं. (८)
In the same yagna, three types of kalash hold the somras and all the three spoons are also full of gold. (8)