हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.22.13

मंडल 8 → सूक्त 22 → श्लोक 13 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 22
तावि॒दा चि॒दहा॑नां॒ ताव॒श्विना॒ वन्द॑मान॒ उप॑ ब्रुवे । ता उ॒ नमो॑भिरीमहे ॥ (१३)
इस प्रातःकाल में मैं उन अश्चिनीकुमारों की वंदना करता हुआ उनकी स्तुति करता हूं एवं स्तोत्रों द्वारा उन दोनों से धनसंपत्ति मांगता हूं. (१३)
In this morning, I worship those Ashchinikumaras and praise them and ask for wealth from both of them through hymns. (13)