हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.26.4

मंडल 8 → सूक्त 26 → श्लोक 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 26
आ वां॒ वाहि॑ष्ठो अश्विना॒ रथो॑ यातु श्रु॒तो न॑रा । उप॒ स्तोमा॑न्तु॒रस्य॑ दर्शथः श्रि॒ये ॥ (४)
हे नेता अश्विनीकुमारो! वहन करने में सर्वाधिक समर्थ एवं प्रसिद्ध तुम्हारा रथ आवे. बुम शीघ्रतापूर्वक स्तुति करने वालों को संपत्ति देने के लिए उसकी स्तुतियां सुनो. (४)
O leader Ashwinikumaro! Come your chariot, the most capable and famous to carry. Bum quickly listen to his praises to give property to those who praise him. (4)