हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.3.19

मंडल 8 → सूक्त 3 → श्लोक 19 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 3
निरि॑न्द्र बृह॒तीभ्यो॑ वृ॒त्रं धनु॑भ्यो अस्फुरः । निरर्बु॑दस्य॒ मृग॑यस्य मा॒यिनो॒ निः पर्व॑तस्य॒ गा आ॑जः ॥ (१९)
हे इंद्र! तुमने विशाल धनुषों द्वारा वृत्र को मारा था. तुमने मायावी अर्बुद एवं मृग को मारा था. तुमने पर्वतों से गायों को बाहर निकाला था. (१९)
O Indra! You hit the vrikra by huge bows. You killed the elusive tumor and the antelope. You took the cows out of the mountains. (19)