ऋग्वेद (मंडल 8)
वि षू च॑र स्व॒धा अनु॑ कृष्टी॒नामन्वा॒हुवः॑ । इन्द्र॒ पिब॑ सु॒ताना॑म् ॥ (१९)
हे बुलाने योग्य इंद्र! प्रजाओं के हव्य के समीप जाओ एवं निचोड़ा हुआ सोमरस पिओ. (१९)
O calling Indra! Go near the hearts of the people and drink squeezed somras. (19)