ऋग्वेद (मंडल 8)
अती॑हि मन्युषा॒विणं॑ सुषु॒वांस॑मु॒पार॑णे । इ॒मं रा॒तं सु॒तं पि॑ब ॥ (२१)
हे इंद्र! क्रोध के साथ एवं बुरे स्थान में सोमरस निचोड़ने वाले को लांघकर चले जाओ. हमारे द्वारा दिए हुए इस सोमरस को पिओ. (२१)
O Indra! With anger and in the bad place, push the somers squeezer and go away. Drink this somras given by us. (21)