हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.32.29

मंडल 8 → सूक्त 32 → श्लोक 29 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 32
इ॒ह त्या स॑ध॒माद्या॒ हरी॒ हिर॑ण्यकेश्या । वो॒ळ्हाम॒भि प्रयो॑ हि॒तम् ॥ (२९)
सुनहरे बालों वाले एवं हरि नामक घोड़े एक साथ इंद्र को इस यज्ञ में सोमरस रूपी हव्य के सामने ले आवें. (२९)
The blonde and the horses named Hari should together bring Indra in front of the Somras Rupi Havya in this yagna. (29)