हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.34.12

मंडल 8 → सूक्त 34 → श्लोक 12 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 34
सरू॑पै॒रा सु नो॑ गहि॒ सम्भृ॑तैः॒ सम्भृ॑ताश्वः । दि॒वो अ॒मुष्य॒ शास॑तो॒ दिवं॑ य॒य दि॑वावसो ॥ (१२)
हे पुष्ट अश्वों वाले इंद्र! तुम अपने पुष्ट एवं समानरूप वाले घोड़ों के द्वारा आओ. हे दीप्त हवि वाले इंद्र! तुम झुलोक का शासन करते हो, इसलिए द्युलोक में जाओ. (१२)
O Indra with strong horses! You come by your fortified and similar horses. O indra of the bright soul! You rule the jhuloka, so go to Duloka. (12)