हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.34.16

मंडल 8 → सूक्त 34 → श्लोक 16 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 34
आ यदिन्द्र॑श्च॒ दद्व॑हे स॒हस्रं॒ वसु॑रोचिषः । ओजि॑ष्ठ॒मश्व्यं॑ प॒शुम् ॥ (१६)
धन द्वारा दीप्त हम हजारों लोग और हमारे नेता इंद्र शक्तिशाली घोड़ों को ग्रहण करते हैं. (१६)
We, thousands of people illuminated by wealth and our leader Indra, receive powerful horses. (16)