हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.5.16

मंडल 8 → सूक्त 5 → श्लोक 16 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 5
पु॒रु॒त्रा चि॒द्धि वां॑ नरा वि॒ह्वय॑न्ते मनी॒षिणः॑ । वा॒घद्भि॑रश्वि॒ना ग॑तम् ॥ (१६)
हे नेता अश्विनीकुमारो! विद्वान्‌ लोग तुम्हें अनेक स्थानों में बुलाते हैं. तुम अपने वहनसाधन अश्च द्वारा आओ. (१६)
O leader Ashwinikumaro! Scholars call you in many places. You come by your carrying ass. (16)