हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.5.18

मंडल 8 → सूक्त 5 → श्लोक 18 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 5
अ॒स्माक॑म॒द्य वा॑म॒यं स्तोमो॒ वाहि॑ष्ठो॒ अन्त॑मः । यु॒वाभ्यां॑ भूत्वश्विना ॥ (१८)
हे अश्विनीकुमारो! हमारा यह स्तुतिसमूह तुम्हें सबसे अधिक वहन करने वाला एवं तुम्हारा समीपवर्ती हो. (१८)
O Ashwinikumaro! May this group of praises of ours be the one who bears you the most and is closest to you. (18)