ऋग्वेद (मंडल 8)
तेन॑ नो वाजिनीवसू परा॒वत॑श्चि॒दा ग॑तम् । उपे॒मां सु॑ष्टु॒तिं मम॑ ॥ (३०)
हे अन्न एवं धन के स्वामी अश्विनीकुमारो! इस रथ पर बैठकर तुम दूर से भी आओ. तुम हमारी शोभनस्तुति के समीप आओ. (३०)
O Lord of food and wealth, Ashwinikumaro! Sit on this chariot and come from a distance. You come close to our adornment. (30)