हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.5.9

मंडल 8 → सूक्त 5 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 5
उ॒त नो॒ गोम॑ती॒रिष॑ उ॒त सा॒तीर॑हर्विदा । वि प॒थः सा॒तये॑ सितम् ॥ (९)
हे प्रातःकाल स्तुतियोग्य अश्विनीकुमारो! हमें गायों से युक्त अन्न एवं उपभोग के योग्य धन दो. हमें उपभोग के लिए मार्ग भी दो. (९)
O morning praiseworthy Ashwinikumaro! Give us food containing cows and the money worth consuming. Give us the way to consume too. (9)