ऋग्वेद (मंडल 8)
सम॑नेव वपुष्य॒तः कृ॒णव॒न्मानु॑षा यु॒गा । वि॒दे तदिन्द्र॒श्चेत॑न॒मध॑ श्रु॒तो भ॒द्रा इन्द्र॑स्य रा॒तयः॑ ॥ (९)
प्रेम रखने वाली युवती जिस प्रकार शरीर चाहने वाले पुरुषों को वश में करती है, उसी प्रकार इंद्र मनुष्यों को वश में रखते हैं. इंद्र लोगों को काल का ज्ञान कराते हैं. इंद्र के दान कल्याणकारक हैं. (९)
Just as a young woman who loves a body subdues men, Indra controls humans. Indra gives people the knowledge of time. Indra's donations are beneficial. (9)