हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.53.6

मंडल 8 → सूक्त 53 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 53
व॒यमु॑ त्वा॒ दिवा॑ सु॒ते व॒यं नक्तं॑ हवामहे । अ॒स्माकं॒ काम॒मा पृ॑ण ॥ (६)
हे इंद्र! सोमरस निचुड़ जाने पर हम तुम्हें रात एवं दिन में बुलाते हैं. तुम हमारी अभिलाषा पूरी करो. (६)
O Indra! When we go to Somers, we call you by night and by day. You fulfill our wish. (6)