हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.56.11

मंडल 8 → सूक्त 56 → श्लोक 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 56
पर्षि॑ दी॒ने ग॑भी॒र आँ उग्र॑पुत्रे॒ जिघां॑सतः । माकि॑स्तो॒कस्य॑ नो रिषत् ॥ (११)
हे अदिति! हमारा सब ओर से पालन करो. उथले एवं पुत्रों को दुःखी करने वाले जल में हिंसक का जाल हमारे पुत्र को न मारे. (११)
Hey Aditi! Follow us from all sides. Do not kill our son in the shallow and painful water of the sons. (11)