हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.57.14

मंडल 8 → सूक्त 57 → श्लोक 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 57
उप॑ मा॒ षड्द्वाद्वा॒ नरः॒ सोम॑स्य॒ हर्ष्या॑ । तिष्ठ॑न्ति स्वादुरा॒तयः॑ ॥ (१४)
सोमरस पीने से उत्पन्न नशे के कारण छः राजा स्वादिष्ट भोग साथ लेकर दो-दो के समूह में हमारे पास आते हैं. (१४)
Due to the intoxication caused by drinking somers, six kings come to us in groups of two each with delicious bhog. (14)