हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.57.18

मंडल 8 → सूक्त 57 → श्लोक 18 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 57
ऐषु॑ चेत॒द्वृष॑ण्वत्य॒न्तरृ॒ज्रेष्वरु॑षी । स्व॒भी॒शुः कशा॑वती ॥ (१८)
इन सरल गति वाले घोड़ों में गर्भाधान योग्य घोड़ों से युक्त, शोभायमान एवं सुंदर लगाम वाली घोड़ियां भी जान पड़ती हैं. (१८)
These simple-moving horses also seem to have horses with inseminable horses, beautiful and beautiful reins. (18)