हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.6.10

मंडल 8 → सूक्त 6 → श्लोक 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 6
अहमिद्धि पितुष्परि मेधामृतस्य जग्रभ. अहं सूर्य इवाजनि.. (१०)
मैंने ही सच्चे पिता इंद्र की कृपादृष्टि प्राप्त की है. मैं सूर्य के समान प्रकाशयुक्त होकर उत्पन्न हुआ हूं. (१०)
I have received the grace of the true Father Indra. I am born as light as the sun. (10)