हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.6.18

मंडल 8 → सूक्त 6 → श्लोक 18 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 6
य इन्द्र यतयस्त्वा भृगवो ये च तुष्टुवुः. ममेदुग्र श्रुधी हवम्‌.. (१८)
हे उग्र इंद्र! जो संयमी अंगिरागोत्रीय ऋषि एवं भृगुगोत्रीय ऋषि तुम्हारी स्तुति करते हैं, उनके मध्य में मेरी स्तुति सुनो. (१८)
O furious Indra! Listen to My praise in the midst of the spartan Angiragotrian sages and the sages who praise you. (18)