हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.6.27

मंडल 8 → सूक्त 6 → श्लोक 27 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 6
तं त्वा हविष्मतीर्विश उप ब्रुवत ऊतये. उरु्यसमिन्दुभिः.. (२७)
हे परम व्यापक इंद्र! हव्य धारणकर्तता लोग तुम्हें सोमरस द्वारा प्रसन्न करके अपनी रक्षा के लिए स्तुति करते हैं. (२७)
O supremely comprehensive Indra! People of the human faith praise you for your protection by pleasing you by the Somras. (27)