हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.62.1

मंडल 8 → सूक्त 62 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 62
उदी॑राथामृताय॒ते यु॒ञ्जाथा॑मश्विना॒ रथ॑म् । अन्ति॒ षद्भू॑तु वा॒मवः॑ ॥ (१)
अश्चिनीकुमारो! यज्ञ की अभिलाषा करने वाले मेरे लिए उन्नत बनो एवं यज्ञ में आने के लिए रथ में घोड़े जोड़ो. तुम्हारी रक्षा हमारे समीप रहे. (१)
Aschinikumaro! Be elevated to me who wish for the yajna and add horses to the chariot to come to the yajna. May your defense be near us. (1)