हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.63.9

मंडल 8 → सूक्त 63 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 63
सा द्यु॒म्नैर्द्यु॒म्निनी॑ बृ॒हदुपो॑प॒ श्रव॑सि॒ श्रवः॑ । दधी॑त वृत्र॒तूर्ये॑ ॥ (९)
हमारे द्वारा की जाती हुई स्तुति अधिक अन्नयुक्त है. वह युद्ध में अन्न के ऊपर अधिक अन्न धारण करे. (९)
The praise we give is more grainy. He should put more grain on top of the food in battle. (9)