हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.64.5

मंडल 8 → सूक्त 64 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 64
तं ने॒मिमृ॒भवो॑ य॒था न॑मस्व॒ सहू॑तिभिः । नेदी॑यो य॒ज्ञम॑ङ्गिरः ॥ (५)
हे गतिशील अग्नि! ऋभुगण जिस प्रकार रथ की नेमि को लाते हैं, उसी प्रकार तुम अन्य देवों के साथ यज्ञ को लाओ. (५)
O dynamic agni! Just as the Sages bring the name of the chariot, so you bring the yajna with other gods. (5)