हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.64.9

मंडल 8 → सूक्त 64 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 64
मा नः॑ समस्य दू॒ढ्य१॒ः॑ परि॑द्वेषसो अंह॒तिः । ऊ॒र्मिर्न नाव॒मा व॑धीत् ॥ (९)
सागर की लहरें जिस प्रकार नाव को बाधा पहुंचाती हैं, उसी प्रकार सभी शत्रुओं की दुष्ट बुद्धि हमें बाधा न पहुंचावे. (९)
Just as the waves of the sea hinder the boat, so let not the evil wisdom of all enemies hinder us. (9)