ऋग्वेद (मंडल 8)
मा नः॑ समस्य दू॒ढ्य१॒ः॑ परि॑द्वेषसो अंह॒तिः । ऊ॒र्मिर्न नाव॒मा व॑धीत् ॥ (९)
सागर की लहरें जिस प्रकार नाव को बाधा पहुंचाती हैं, उसी प्रकार सभी शत्रुओं की दुष्ट बुद्धि हमें बाधा न पहुंचावे. (९)
Just as the waves of the sea hinder the boat, so let not the evil wisdom of all enemies hinder us. (9)