ऋग्वेद (मंडल 8)
इन्द्र॒ प्र णो॒ रथ॑मव प॒श्चाच्चि॒त्सन्त॑मद्रिवः । पु॒रस्ता॑देनं मे कृधि ॥ (४)
हे वज्रधारी इंद्र! तुम हमारे पीछे खड़े हुए रथ की रक्षा करो एवं उसे सामने लाओ. (४)
O thunderbolt Indra! Protect the chariot that stands behind us and bring it in front of you. (4)