हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.70.1

मंडल 8 → सूक्त 70 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 70
आ तू न॑ इन्द्र क्षु॒मन्तं॑ चि॒त्रं ग्रा॒भं सं गृ॑भाय । म॒हा॒ह॒स्ती दक्षि॑णेन ॥ (१)
हे बड़े हाथ वाले इंद्र! तुम हमें देने के लिए स्तुति योग्य, विचित्र और ग्रहण करने योग्य धन अपने दाहिने हाथ में धारण करो. (१)
O Indra with big hands! You give us the praise-worthy, bizarre and acceptable wealth to hold in your right hand. (1)