हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.70.6

मंडल 8 → सूक्त 70 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 70
आ नो॑ भर॒ दक्षि॑णेना॒भि स॒व्येन॒ प्र मृ॑श । इन्द्र॒ मा नो॒ वसो॒र्निर्भा॑क् ॥ (६)
हे इंद्र! हमारा भरण करो, दाहिने एवं बाएं हाथ से हमें धन दो तथा हमें धन से दूर मत करो. (६)
O Indra! Feed us, give us money with your right and left hand, and do not take us away from money. (6)