हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.71.6

मंडल 8 → सूक्त 71 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 71
इन्द्र॑ श्रु॒धि सु मे॒ हव॑म॒स्मे सु॒तस्य॒ गोम॑तः । वि पी॒तिं तृ॒प्तिम॑श्नुहि ॥ (६)
हे इंद्र! मेरी पुकार सुनो, हमारे द्वारा निचोड़े गए गोदुग्ध मिश्रित सोमरस को पिओ तथा विविध प्रकार की प्रसन्नता अनुभव करो. (६)
O Indra! Listen to my call, drink the mixed somras we squeezed and experience a variety of delights. (6)