हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.79.2

मंडल 8 → सूक्त 79 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 79
त्वं दा॒ता प्र॑थ॒मो राध॑साम॒स्यसि॑ स॒त्य ई॑शान॒कृत् । तु॒वि॒द्यु॒म्नस्य॒ युज्या वृ॑णीमहे पु॒त्रस्य॒ शव॑सो म॒हः ॥ (२)
हे इंद्र! तुम सबसे मुख्य, धनदाता एवं सत्य हो. तुम स्तोताओं को ऐश्वर्य वाला बनाओ. हे बहुत धन वाले, बल के पुत्र एवं महान्‌ इंद्र! हम तुम्हारे योग्य धन को वरण करते हैं. (२)
O Indra! You are the most important, the giver and the truth. You make the psalms with splendor. O you of great wealth, the son of strength and the great Indra! We choose your worthy wealth. (2)