हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.80.2

मंडल 8 → सूक्त 80 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 80
अ॒सौ य एषि॑ वीर॒को गृ॒हंगृ॑हं वि॒चाक॑शद् । इ॒मं जम्भ॑सुतं पिब धा॒नाव॑न्तं कर॒म्भिण॑मपू॒पव॑न्तमु॒क्थिन॑म् ॥ (२)
हे वीर एवं दीप्तिशाली इंद्र! तुम सोमरस पीने के लिए सभी घरों में जाते हो. भुने हुए जौ (सत्तू), पुरोडाश एवं उक्थ मंत्रों से युक्त सोमरस को पिओ जो मैंने अपने दांतों से निचोड़ा है. (२)
O brave and glorious Indra! You go to all the houses to drink somers. Drink someras containing roasted barley (sattu), purodash and ukth mantras that I have squeezed with my teeth. (2)