हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.81.19

मंडल 8 → सूक्त 81 → श्लोक 19 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 81
इन्द्रा॑य॒ मद्व॑ने सु॒तं परि॑ ष्टोभन्तु नो॒ गिरः॑ । अ॒र्कम॑र्चन्तु का॒रवः॑ ॥ (१९)
जो सोमरस नशा करने वाले इंद्र के लिए निचोड़ा गया है, उसकी स्तुति हमारे वचन करें. हम स्तुति करने वाले सोमरस की पूजा करें. (१९)
Praise the Somras who have been squeezed for the intoxicating Indra, let us praise him. Let us worship the eulogising Somras. (19)