हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.81.6

मंडल 8 → सूक्त 81 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 81
अ॒स्य पी॒त्वा मदा॑नां दे॒वो दे॒वस्यौज॑सा । विश्वा॒भि भुव॑ना भुवत् ॥ (६)
दीप्तिशाली इंद्र सोम के नशीले रस को पीकर अपनी शक्ति द्वारा सारे संसार को पराजित करते हैं. (६)
The bright-willed Indra defeats the whole world by drinking the intoxicating juices of Som and defeats the whole world with his power. (6)