हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.86.9

मंडल 8 → सूक्त 86 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 86
न त्वा॑ दे॒वास॑ आशत॒ न मर्त्या॑सो अद्रिवः । विश्वा॑ जा॒तानि॒ शव॑साभि॒भूर॑सि॒ न त्वा॑ दे॒वास॑ आशत ॥ (९)
हे वज्रधारी इंद्र! तुम्हें न देवता व्याप्त कर सकते हैं और न मनुष्य, तुम अपनी शक्ति द्वारा सभी प्राणियों को पराजित करते हो. देवगण तुम्हें व्याप्त नहीं कर सकते. (९)
O thunderbolt Indra! You can neither possess gods nor humans, you defeat all beings by your power. The gods cannot cover you. (9)