हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.87.9

मंडल 8 → सूक्त 87 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 87
यु॒ञ्जन्ति॒ हरी॑ इषि॒रस्य॒ गाथ॑यो॒रौ रथ॑ उ॒रुयु॑गे । इ॒न्द्र॒वाहा॑ वचो॒युजा॑ ॥ (९)
स्तोता गतिशील इंद्र के विशाल जुए वाले महान्‌ रथ में इंद्र को ढोने वाले एवं आज्ञा मात्र से जुड़ जाने वाले हरि नामक अश्चों को स्तोत्रों के साथ जोड़ते हैं. (९)
The Stotas connect with the hymns with the hymns the aschas called Hari, who carry Indra and connect with the mere command, in the great chariot of the moving Indra. (9)