हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.92.10

मंडल 8 → सूक्त 92 → श्लोक 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 92
प्रेष्ठ॑मु प्रि॒याणां॑ स्तु॒ह्या॑सा॒वाति॑थिम् । अ॒ग्निं रथा॑नां॒ यम॑म् ॥ (१०)
हे स्तोता! प्रियों में अतिशय प्रिय, अतिथि एवं रथों का नियमन करने वाले अग्नि की स्तुति करो. (१०)
This is the hymn! Praise the beloved, the guest and the agni that regulates the chariots. (10)