हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.92.14

मंडल 8 → सूक्त 92 → श्लोक 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 92
आग्ने॑ याहि म॒रुत्स॑खा रु॒द्रेभिः॒ सोम॑पीतये । सोभ॑र्या॒ उप॑ सुष्टु॒तिं मा॒दय॑स्व॒ स्व॑र्णरे ॥ (१४)
हे मरुतों के सखा अग्नि! तुम हमारे शोभन यज्ञ में रद्रपुत्र मरुतों के साथ सोमरस पीने के लिए आओ. तुम मुझ सौभरि ऋषि की शोभन-स्तुति के समीप आओ एवं सोमरस पीकर प्रसन्न बनो. (१४)
O agni of the maruts! You come to drink somras with the Rudraputra Maruts in our Shobhan Yajna. Come near to the praise of my sage Saubhari and be happy to drink somers. (14)