हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.1.8

मंडल 9 → सूक्त 1 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 1
तमीं॑ हिन्वन्त्य॒ग्रुवो॒ धम॑न्ति बाकु॒रं दृति॑म् । त्रि॒धातु॑ वार॒णं मधु॑ ॥ (८)
उंगलियां ही सोम को निचोड़ने वाले स्थान पर ले जाती हैं एवं निचोड़ती हैं. सोमरूप मधु तीन स्थानों में रहता है तथा शत्रुओं का नाश करने वाला है. (८)
The fingers take the mon to the squeezing point and squeeze it. Somrup Madhu lives in three places and is the destroyer of the enemies. (8)