ऋग्वेद (मंडल 9)
अ॒पो वसा॑नः॒ परि॒ कोश॑मर्ष॒तीन्दु॑र्हिया॒नः सो॒तृभिः॑ । ज॒नय॒ञ्ज्योति॑र्म॒न्दना॑ अवीवश॒द्गाः कृ॑ण्वा॒नो न नि॒र्णिज॑म् ॥ (२६)
जल में निवास करने वाले व निचोड़ने वालों द्वारा प्रेरित सोम द्रोणकलश में जाते हैं. सोम दीप्ति उत्पन्न करते हुए एवं गाय के दूध आदि को अपने रूप में मिलाते हुए इस समय स्तुतियों की अभिलाषा करते हैं. (२६)
Som, inspired by those who live in the water and squeezers, goes to Dronakalash. Som desires praises at this time while producing a glow and mixing cow's milk etc. in his form. (26)