हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.109.13

मंडल 9 → सूक्त 109 → श्लोक 13 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 109
इन्दुः॑ पविष्ट॒ चारु॒र्मदा॑या॒पामु॒पस्थे॑ क॒विर्भगा॑य ॥ (१३)
कल्याणकारक एवं बुद्धिमान्‌ सोम जलों के समान अंतरिक्ष में मद एवं धन के लिए शुद्ध होते हैं. (१३)
The welfare and wise are pure for goods and wealth in space like somas waters. (13)