हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.109.4

मंडल 9 → सूक्त 109 → श्लोक 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 109
पव॑स्व सोम म॒हान्स॑मु॒द्रः पि॒ता दे॒वानां॒ विश्वा॒भि धाम॑ ॥ (४)
हे महान्‌, रस बहाने वाले एवं सबके पालक सोम! तुम देवों के सभी शरीरों को लक्ष्य करके शुद्ध बनो. (४)
O great, the juice-shedding and the guardian of all, Mon! Be pure by you targeting all the bodies of the gods. (4)