हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.109.8

मंडल 9 → सूक्त 109 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 109
नृभि॑र्येमा॒नो ज॑ज्ञा॒नः पू॒तः क्षर॒द्विश्वा॑नि म॒न्द्रः स्व॒र्वित् ॥ (८)
ऋत्विजों द्वारा संयमित, उत्पन्न, पवित्र, मोदयुक्त एवं सबको जानने वाले सोम हमें सब धन दें. (८)
May the mons, who are restrained, created, sanctified, and known to all by the ritwijas, give us all the wealth. (8)