हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.15.7

मंडल 9 → सूक्त 15 → श्लोक 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 15
ए॒तं मृ॑जन्ति॒ मर्ज्य॒मुप॒ द्रोणे॑ष्वा॒यवः॑ । प्र॒च॒क्रा॒णं म॒हीरिषः॑ ॥ (७)
ऋत्विज्‌ अधिक रस टपकाने वाले सोम को द्रोणकलशों में निचोड़ते हैं. (७)
Ritwij squeezes the excessive juice dripping mon into the dronacals. (7)