हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.17.1

मंडल 9 → सूक्त 17 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 17
प्र नि॒म्नेने॑व॒ सिन्ध॑वो॒ घ्नन्तो॑ वृ॒त्राणि॒ भूर्ण॑यः । सोमा॑ असृग्रमा॒शवः॑ ॥ (१)
जिस प्रकार नदियां नीचे की ओर बहती हैं, उसी प्रकार शत्रुहंता, शीघ्रगामी एवं व्याप्त सोम द्रोणकलश में जाते हैं. (१)
Just as the rivers flow downwards, so do the enemy, the fast-moving and pervasive Som go to dronakalash. (1)