हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.19.7

मंडल 9 → सूक्त 19 → श्लोक 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 19
नि शत्रोः॑ सोम॒ वृष्ण्यं॒ नि शुष्मं॒ नि वय॑स्तिर । दू॒रे वा॑ स॒तो अन्ति॑ वा ॥ (७)
हे निचोड़े जाते हुए सोम! शत्रु चाहे दूर हो या पास हो, तुम उसके तेज एवं अन्न का विनाश करो. (७)
O mon being squeezed! Whether the enemy is far away or near, destroy his speed and grain. (7)