हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.2.6

मंडल 9 → सूक्त 2 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 2
अचि॑क्रद॒द्वृषा॒ हरि॑र्म॒हान्मि॒त्रो न द॑र्श॒तः । सं सूर्ये॑ण रोचते ॥ (६)
कामवर्षक हरितवर्ण, महान्‌ एवं मित्र के समान दर्शनीय सोम क्रंदन करते एवं सूर्य के समान चमकते हैं. (६)
The workmen perform the spectacular som snoring like greenish, great and friend and shine like the sun. (6)