हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.23.1

मंडल 9 → सूक्त 23 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 23
सोमा॑ असृग्रमा॒शवो॒ मधो॒र्मद॑स्य॒ धार॑या । अ॒भि विश्वा॑नि॒ काव्या॑ ॥ (१)
शीघ्र चलने वाले सोम नशीले रस की मधुर धारा के साथ सभी स्तुतियों को सुनकर प्रकट होते हैं. (१)
The soon-to-be-run mon appears listening to all the praises with a sweet stream of intoxicating juice. (1)